Posted in खाटू धाम, खाटू नरेश, खाटू श्याम के आज के दर्शन, खाटू श्याम के चमत्कार, खाटू श्याम जी, मेरे सरकार आये हैं, bhajan, Bhajan Lyrics In Hindi, Bhajan Video Khatu shyam baba, Download khatu shyam baba bhajan, Hindi Bhajan Lyrics, Mere Sarkar Aaye Hain, Uncategorized

मेरे सरकार आये हैं (सजा दो घर को गुलशन सा ) | Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa | Raj Pareek

 

मेरे सरकार आये हैं (सजा दो घर को गुलशन सा ) | Mere Sarkar Aaye Hain | Raj Pareek | Beautiful Shyam Bhajan | Audio | Hui Roshan Meri Galiyan Mere Sarkar Aaye Hain Song: Mere Sarkar Aaye Hain (Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa) Singer: Raj Pareek (9836332987) Music: Shashikant Chaubey Lyricist: Raj Pareek Recording: Droliaz Album: Aa Gaya Lo Mela Mere Shyam Ka Category: Hindi Devotional (Shyam Bhajan) Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur Label: Yuki

Posted in खाटू धाम, खाटू नरेश, खाटू श्याम का मंदिर दिखाइए, खाटू श्याम के आज के दर्शन, खाटू श्याम के चमत्कार, खाटू श्याम जी, खाटू श्याम जी के दर्शन कराए, खाटू श्याम जी डेली दर्शन, खाटू श्याम दर्शन टाइम, khatu shyam ji story, khatu shyam ji story khatu, khatu shyam kund history in hindi, khatu shyam story in hindi, khatu shyam story in khani, Shayam baba story, shyam story in hindi, Uncategorized

खाटू के श्याम बाबा Story in hindi Khatu Shyam story in hindi

इस मंदिर में भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक की श्याम यानी कृष्ण के रूप में पूजा की जाती है। इस मंदिर के लिए कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में जाता है उन्हें श्यामबाबा का नित नया रूप देखने को मिलता है।

afebbaef78717bb60b3369ca01942417

हमारे देश में बहुत से ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो अपने चमत्कारों व वरदानों के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्हीं मंदिरों में से एक है राजस्थान में शेखावाटी क्षेत्र के सीकर जिले का विश्व विख्यात प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर। यहां फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को श्याम बाबा का विशाल मेला भरता है जिसमें देश-विदेशों से कई लाख श्रद्धालु शामिल होते हैं। खाटू श्याम का मेला राजस्थान में भरने वाले बड़े मेलों में से एक है। इस मंदिर में भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक की श्याम यानी कृष्ण के रूप में पूजा की जाती है। इस मंदिर के लिए कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में जाता है उन्हें श्यामबाबा का नित नया रूप देखने को मिलता है। कई लोगों को तो इस विग्रह में कई बदलाव भी नजर आते है। कभी मोटा तो कभी दुबला। कभी हंसता हुआ तो कभी ऐसा तेज भरा कि नजरें भी नहीं टिक पातीं। श्यामबाबा का धड़ से अलग शीष और धनुष पर तीन वाण की छवि वाली मूर्ति यहां स्थापित की गईं। कहते हैं कि मन्दिर की स्थापना महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद स्वयं भगवान कृष्ण ने अपने हाथों की थी।

Read Also :- Shree Khatu Shyam Baba Images & Pictures

श्याम बाबा की कहानी महाभारत काल से आरम्भ होती है। वे पहले बर्बरीक के नाम से जाने जाते थे तथा पान्डव भीम के पुत्र घटोत्कच और नाग कन्या अहिलवती के पुत्र थे। बाल्यकाल से ही वे बहुत वीर और महान यौद्धा थे। उन्होंने युद्ध कला अपनी माँ से सीखी। भगवान शिव की घोर तपस्या करके उन्हें प्रसन्न किया और उनसे तीन अभेध्य बाण प्राप्त किये तथा तीन बाणधारी का प्रसिद्ध नाम प्राप्त किया। अग्नि देव ने प्रसन्न होकर उन्हें धनुष प्रदान किया, जो कि उन्हें तीनों लोकों में विजयी बनाने में समर्थ थे।
महाभारत का युद्ध कौरवों और पाण्डवों के मध्य अपरिहार्य हो गया था, यह समाचार बर्बरीक को प्राप्त हुये तो उनकी भी युद्ध में सम्मिलित होने की इच्छा जाग्रत हुयी। जब वे अपनी माँ से आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे तब माँ को हारे हुये पक्ष का साथ देने का वचन दिया। वे अपने लीले घोड़े, जिसका रंग नीला था, पर तीन बाण और धनुष के साथ कुरूक्षेत्र की रणभुमि की और अग्रसर हुये।

Read Also :-  Shree Khatu Shyam Baba Bhajan

सर्वव्यापी कृष्ण ने ब्राह्मण वेश धारण कर बर्बरीक से परिचित होने के लिये उसे रोका और यह जानकर उनकी हंसी भी उड़ायी कि वह मात्र तीन बाण से युद्ध में सम्मिलित होने आया है। ऐसा सुनने पर बर्बरीक ने उत्तर दिया कि मात्र एक बाण शत्रु सेना को ध्वस्त करने के लिये पर्याप्त है और ऐसा करने के बाद बाण वापिस तरकश में ही आयेगा। यदि तीनों बाणों को प्रयोग में लिया गया तो तीनों लोकों में हाहाकार मच जायेगा। इस पर कृष्ण ने उन्हें चुनौती दी की इस पीपल के पेड़ के सभी पत्रों को छेद कर दिखलाओ, जिसके नीचे दोनों खड़े थे। बर्बरीक ने चुनौती स्वीकार की और अपने तुणीर से एक बाण निकाला और इश्वर को स्मरण कर बाण पेड़ के पत्तों की ओर चलाया।
तीर ने क्षण भर में पेड़ के सभी पत्तों को भेद दिया और कृष्ण के पैर के इर्द-गिर्द चक्कर लगाने लगा, क्योंकि एक पत्ता उन्होनें अपने पैर के नीचे छुपा लिया था, बर्बरीक ने कहा कि आप अपने पैर को हटा लीजिये वर्ना ये आपके पैर को चोट पहुंचा देगा। कृष्ण ने बालक बर्बरीक से पूछा कि वह युद्ध में किस ओर से सम्मिलित होगा तो बर्बरीक ने अपनी माँ को दिये वचन दोहराये कि वह युद्ध में जिस ओर से भाग लेगा जो कि निर्बल हो और हार की और अग्रसर हो। कृष्ण जानते थे कि युद्ध में हार तो कौरवों की ही निश्चित है, और इस पर अगर बर्बरीक ने उनका साथ दिया तो परिणाम उनके पक्ष में ही होगा।
ब्राह्मण ने बालक से दान की अभिलाषा व्यक्त की, इस पर वीर बर्बरीक ने उन्हें वचन दिया कि अगर वो उनकी अभिलाषा पूर्ण करने में समर्थ होगा तो अवश्य करेगा। कृष्ण ने उनसे शीश का दान मांगा। बालक बर्बरीक क्षण भर के लिये चकरा गया, परन्तु उसने अपने वचन की दृढ़ता जतायी। बालक बर्बरीक ने ब्राह्मण से अपने वास्तिवक रूप में आने की प्रार्थना की और कृष्ण के बारे में सुन कर बालक ने उनके विराट रूप के दर्शन की अभिलाषा व्यक्त की, कृष्ण ने उन्हें अपना विराट रूप दिखाया।
उन्होने बर्बरीक को समझाया कि युद्ध आरम्भ होने से पहले युद्धभूमि की पूजा के लिये एक वीर क्षत्रिय के शीश के दान की आवश्यक्ता होती है। उन्होंने बर्बरीक को युद्ध में सबसे बड़े वीर की उपाधि से अलंकृत कर उनका शीश दान में मांगा। बर्बरीक ने उनसे प्रार्थना की कि वह अंत तक युद्ध देखना चाहता है, श्री कृष्ण ने उनकी यह बात स्वीकार कर ली। फाल्गुन माह की द्वादशी को उन्होंने अपने शीश का दान दिया। उनका सिर युद्धभूमि के समीप ही एक पहाड़ी पर सुशोभित किया गया, जहां से बर्बरीक सम्पूर्ण युद्ध का जायजा ले सकते थे।
युद्ध की समाप्ति पर पांडवों में ही आपसी खिंचाव-तनाव हुआ कि युद्ध में विजय का श्रेय किसको जाता है, इस पर कृष्ण ने उन्हें सुझाव दिया कि बर्बरीक का शीश सम्पूर्ण युद्ध का साक्षी है, अतैव उससे बेहतर निर्णायक भला कौन हो सकता है। सभी इस बात से सहमत हो गये। बर्बरीक के शीश ने उत्तर दिया कि कृष्ण ही युद्ध में विजय प्राप्त कराने में सबसे महान पात्र हैं, उनकी शिक्षा, उनकी उपस्थिति, उनकी युद्धनीति ही निर्णायक थी। उन्हें युद्धभुमि में सिर्फ उनका सुदर्शन चक्र घूमता हुआ दिखायी दे रहा था जो कि शत्रु सेना को काट रहा था, महाकाली दुर्गा कृष्ण के आदेश पर शत्रु सेना के रक्त से भरे प्यालों का सेवन कर रही थीं।
कृष्ण वीर बर्बरीक के महान बलिदान से काफी प्रसन्न हुये और वरदान दिया कि कलियुग में तुम श्याम नाम से जाने जाओगे, क्योंकि कलियुग में हारे हुये का साथ देने वाला ही श्याम नाम धारण करने में समर्थ है। ऐसा माना जाता है कि एक बार एक गाय उस स्थान पर आकर अपने स्तनों से दुग्ध की धारा स्वत: ही बहा रही थी, बाद में खुदायी के बाद वह शीश प्रकट हुआ।
एक बार खाटू के राजा को स्वप्न में मन्दिर निर्माण के लिये और वह शीश मन्दिर में सुशोभित करने के लिये प्रेरित किया गया। तदन्तर उस स्थान पर मन्दिर का निर्माण किया गया और कार्तिक माह की एकादशी को शीश मन्दिर में सुशोभित किया गया, जिसे बाबा श्याम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। मूल मंदिर 1027 ई. में रूपसिंह चौहान और उनकी पत्नी नर्मदा कंवर द्वारा बनाया गया था। मारवाड़ के शासक ठाकुर के दीवान अभय सिंह ने ठाकुर के निर्देश पर 1720 ई0 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। मंदिर ने तब अपना वर्तमान आकार ले लिया और मूर्ति गर्भगृह में प्रतिष्ठापित की गयी थी। मूर्ति दुर्लभ पत्थर से बनी है।
खाटू श्यामजी के मन्दिर की बहुत मान्यता होने के उपरान्त भी यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है। मन्दिर में स्थान की कमी के कारण मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आठ से दस घंटों तक का समय लग जाता है। मन्दिर ट्रस्ट निजी हाथों में होने से मन्दिर का विस्तार नहीं हो पा रहा है। सरकार को तिरूपति मन्दिर की तरह से यहां के प्रबन्धन का जिम्मा लेकर सरकारी स्तर पर कमेटी बनाकर यहां होने वाली आय को नियंत्रित कर उसी से यहां का समुचित विकास करवाना चाहिये।
Posted in आरती, खाटू धाम, खाटू नरेश, खाटू श्याम बाबा फोटो, जय श्री श्याम, Shri Khatu Shyam ji Aarti, Uncategorized

Shri Khatu Shyam Ji Aarti

1445418493.png

Shri Khatu Shyam ji Aarti Om jai shree shyam hare, baba jai shree shyam hare Khatu dham birajat, anupam roop dhare, om jai shree shyam hare… Ratan jadit singhasan, sar per chanvar dhule Tan kehariya bago, kundal shravan pade, om jai shree shyam hare… Gal pushpon ki maala, sir per mukut dhare Khevat dhoop, agni par, deepak jyoti jale, om jai shree shyam hare… Modak, kheer, choorma, suvaran thaal bhare, Seval bhog lagavat, seva nitya kare, om jai shree shyam hare… Jhanj, katora aur ghadiyaval, shankh mridang ghure, Bhakt Aarti gaave, jai jai kaar kare, om jai shree shyam hare… Jo dhyave fal paave, sab dukh se ubre, Sevak jan nij mukhse, shree shyam shyam uchre, om jai shree shyam hare… Shree shyam bihariji ki Aarti, jo koi nar gaave Kehat sudhir agyaani, manvanchit fal paave, om jai shree shyam hare… Om jai shree shyam hare, baba jai shree shyam hare, Nij bhaktom ke tumne, pooran kaaj kare, om jai shree shyam hare…

Posted in आरती, खाटू धाम, जय श्री श्याम, बाबा जय श्री श्याम हरे, bhajan, Bhajan Video Khatu shyam baba, Kanhaiya Mittal Khatu Shyam Bhajan, khatu shyam baba bhajan video, Khatu Shyam Bhajan, Khatu Shyam Bhajan Video, khatu shyam ke bhajan, latest bhajans 2020, latest shyam bhajan, melodious shyam bhajan, morning time bhajans, mp3 bhajan khatu shyam baba, Shayam bhajan, Shree Khatu Shyam Baba ka bhajan, shyam baba ke bhajan, SHYAM BHAJAN, Uncategorized

Khatu Shyam baba Famous भजन

भजन

https://www.youtube.com/watch?v=w-70yLgC-jM कीर्तन की है रात बाबा , आज थाने आणो है थाने कौल निभाणो है ।।
https://www.youtube.com/watch?v=cqq4aYVhU2A कोर्इ प्यार से मेरे श्याम को सजाले, गजब हो जायेगा।
https://www.youtube.com/watch?v=KbFrQlQuO4Y ऐसा तो हमारा बाबा है बाबा तो हमारा है
https://www.youtube.com/watch?v=MSAYmV7qWtI हुआ धन्य मेरा जीवन, तेरा प्यार जो मिला है
https://www.youtube.com/watch?v=yqnfiyzBl7g पलकें ही पलकें बिछायेंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आयेंगे
https://www.youtube.com/watch?v=hiQl4xS0l-0 देना है तो दीजिऐ जन्म-2 का साथ
https://www.youtube.com/watch?v=Tn9rdzaDGTI भर दे रे श्याम झोली भरदे-भरदेना बहलाओ
https://www.youtube.com/watch?v=giBIDIZosvI किस्मत वालों को मिलता है, श्याम तेरा दरबार सच्ची सरकार तुम्हारी
https://www.youtube.com/watch?v=4XyaEkHhSjA दुनिया चले ना श्रीराम के बिना, रामजी चले ना हनुमान के बिना।
https://www.youtube.com/watch?v=fYyLnYyE2R0 मेरे दुख के दिनों में, वो बड़े काम आते हैं
https://www.youtube.com/watch?v=iz_jWTeJ8IE ऐसी मस्ती कहां मिलेगी, श्याम नाम रस पी ले तूं मस्ती में जी ले
https://www.youtube.com/watch?v=H0TyoW01m1o मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है।।
https://www.youtube.com/watch?v=sNrHFCHXErw ओ मेरे प्रभु, ओ मेरे प्रभु, दुनिया के पालनहार हो तुम
https://www.youtube.com/watch?v=FLJQldtXwjk श्याम तेरी तस्वीर सिरहाने रखकर सोते हैं
https://www.youtube.com/watch?v=K-1DNlR9RoM किसने सजाया खाटू वाले़ को
https://www.youtube.com/watch?v=U0SWvIDK_0w संसार को जीभर देख लिया अब तुमको जीभर देखेंगे।
https://www.youtube.com/watch?v=nYmH6rjvQsg ऐसा बना दे मुझे श्याम दीवाना
https://www.youtube.com/watch?v=yexSn8Hsqbk दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
https://www.youtube.com/watch?v=3WjYJLqw258 देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ
https://www.youtube.com/watch?v=8RDFCoI5GE4 तेरे हर दुख में हर सुख में यही काम आएगा रिश्ता तो बना ले श्याम से आराम पाएगा
https://www.youtube.com/watch?v=1Wuxlzqp8p0 दिल की पतंग में सांवरे डाल दे अपनी डोर
https://www.youtube.com/watch?v=T7ffhLXhU8w आज तेरी कल मेरी बारी आएगी सांवरिए की सबको कृपा मिल जाएगी
https://www.youtube.com/watch?v=_RP_A8JLmys आ गया खाटू वाला
https://www.youtube.com/watch?v=myfl3l9Rkho थाली भरकर ल्याइै रै खीचड़ौ, उळपर घी की बाटकी
https://www.youtube.com/watch?v=mGGm_I8aBmA मोरछड़ी लहरार्इ रे रसिया ओ सांवरा तेरी बहुत बड़ी सकलार्इ रे।
https://www.youtube.com/watch?v=rSFQAICEXMI तेरे चरणों के काबिल अगर हम नहीं। हमको काबिल बनाना तेरा काम है।।
https://www.youtube.com/watch?v=YExIcU-6s4M हाथ में तेरे सौंप दी हमने अपने जीवन की डोर।सुनो ना सांवरिया, सुनो ना मेरे सांवरिया।।
https://www.youtube.com/watch?v=UKQ9gXuyDTE पकड़ लो हाथ बनवारी नहीं तो डूब जाएंगे।
https://www.youtube.com/watch?v=YddDUpYDNWA सेवा भक्ति कर नहीं पाया किस्मत का हूं मारा। तेरे प्रेमी के घर में मुझे देना जन्म दुबारा।।
Posted in आरती, खाटू धाम, खाटू नरेश, खाटू श्याम बाबा की फोटो, खाटू श्याम बाबा फोटो, जय श्री श्याम, फाल्गुन मेला खाटू श्याम जी, श्याम बाबा, श्याम बाबा की फोटो, श्री खाटू श्याम कथा, श्री खाटू श्याम जी, श्री खाटू श्याम जी मंदिर Information, Uncategorized

श्री खाटू श्याम कथा

home3

महाबली भीम के पुत्र घटोत्कच के विषय में हम सब जानते हैं । वीर घटोत्कच का विवाह दैत्यराज मुर की पुत्री मौरवी से हुआ । मौरवी को कामकंटका व आहिल्यावती के नामों से भी जाना जाता है । वीर घटोत्कच तथा महारानी मौरवी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई । बालक के बाल बब्बर शेर की तरह होने के कारण इनका नाम बर्बरीक रखा गया । इन्हीं वीर बर्बरीक को आज दुनिया ‘ खाटू श्याम ‘ के नाम से जानती है ।

वीर बर्बरीक को बचपन में भगवान श्री कृष्ण द्वारा परोपकार करने एवं निर्बल का साथ देने की शिक्षा दी गयी । इन्होनें अपने पराक्रम से ऐसे अनेक असुरों का वध किया जो निर्बल ऋषि – मुनियों को हवन – यज्ञ आदि धार्मिक कार्य करने से रोकते थे । विजय नामक ब्राह्मण का शिष्य बनकर उनके यज्ञ को राक्षसों से बचाकर, उनका यज्ञ सम्पूर्ण करवाने पर भगवान शिव ने सम्मुख प्रकट होकर इन्हें तीन बाण प्रदान किये, जिनसे समस्त लोगों में विजय प्राप्त की जा सकती है।

जब महाभारत के युद्ध की घोषणा हुई तो वीर बर्बरीक ने भी अपनी माता के सम्मुख युद्ध में भाग लेने की इच्छा प्रकट की। माता ने इन्हें युद्ध में भाग लेने की आज्ञा इस वचन के साथ दी कि तुम युद्ध में हारने वाले पक्ष का साथ निभाओगे।

जब भगवान श्री कृष्ण जी को वीर बर्बरीक की इस शपथ का पता चला तो उन्होंने वीर बर्बरीक की परीक्षा लेने की सोची । जब वीर बर्बरीक युद्ध में भाग लेने चले तब भगवान श्री कृष्ण जी ने राह में इनसे भेंट की तथा वीर बर्बरीक से उनके तीन बाणों की विशेषता के बारे में पूछा । वीर बर्बरीक ने बताया कि पहला बाण समस्त शत्रुसेना को चिन्हित करता है, दूसरा तीर शत्रुसेना को नष्ट कर देता है तथा तीसरे बाण की आवश्कता आज तक नहीं हुई । भगवान श्री कृष्ण ने एक पेड़ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि तुम इस स्थान को युद्धभूमि मानो तथा इस पेड़ के पत्तों को शत्रुसेना समझ कर अपनी युद्धकला को दिखाओ ।

इस बीच श्री कृष्ण जी ने वीर बर्बरीक की नजर बचाकर एक पत्ता पेड़ से तोड़कर अपने पैर के नीचे दबा लिया । वीर बर्बरीक द्वारा युद्धकला दिखाने के बाद श्री कृष्ण जी ने पूछा कि क्या तुम्हारे बाण ने सभी पत्तों को भेद दिया है ? वीर बर्बरीक के हाँ कहने पर श्री कृष्ण ने अपने पैर के नीचे दबे पत्ते को निकाला, उनकी हैरानी का कोई ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें वह पत्ता भी बिंधा हुआ मिला ।

भगवान श्री कृष्ण जी को विश्वास हो गया कि वीर बर्बरीक के रहते युद्ध में पाण्डवों की विजय संभव नहीं थी । इसलिये वीर बर्बरीक से अपना शीश दान स्वरूप देने को कहा । वीर बर्बरीक अपना शीश सहर्ष देने को तैयार हो गये । वीर बर्बरीक ने भगवान श्री कृष्ण के सम्मुख महाभारत का युद्ध देखने की इच्छा प्रकट की । इस पर भगवान श्री कृष्ण ने प्रसन्न होकर दो वरदान दिये, पहला उनका शीश शरीर से अलग होकर भी हमेशा जीवित रहेगा व महाभारत युद्ध का साक्षी बनेगा और दूसरा यह कि कलियुग में तुम्हें (वीर बर्बरीक को) मेरे प्रिय नाम श्री श्याम के नाम से पूजा जायेगा । भगवान श्री कृष्ण जी ने वीर बर्बरीक के शीश को एक ऊँचे स्थान पर लाकर रख दिया । जहाँ से पूरी युद्ध भूमि दिखाई देती थी ।

महाभारत युद्ध की समाप्ति पर युधिष्ठर ने ब्रह्मसरोवर पर विजय स्तंभ की स्थापना की । पाण्डवों में इस बात पर बहस होने लगी कि महाभारत का युद्ध किस के कारण जीता गया ? जब पाण्डव आपस में बहस करने लगे तो उन्होंने श्री कृष्ण जी से इस संबंध में फैसला करवाने का निर्णय किया, भगवान श्री कृष्ण जी ने पाण्डवों से कहा कि इस बात का फैसला वीर बर्बरीक कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने पूरा युद्ध एक साक्षी के रूप में देखा है ।

इस बात का फैसला करवाने हेतु श्री कृष्ण जी की आज्ञा पाकर पाण्डवों ने वीर बर्बरीक के शीश को लाकर विजय सतंभ (द्रोपदी कूप ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र) पर स्थापित किया । पाण्डवों की बात सुनकर वीर बर्बरीक ने उत्तर दिया कि मुझे तो पूरी युद्ध भूमि में श्री कृष्ण का सुदर्शन चक्र तथा द्रोपदी का खप्पर दिकाई दिया अर्थात सभी वीर श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र से मारे गये तथा द्रोपदी (काली रूप में) ने खप्पर भर कर उन वीरों का रक्त पिया ।

महाभारत की समाप्ति पर यह शीश धरती में समा गया । भगवान श्री कृष्ण के वरदान अनुसार कलियुग में राजस्थान के खाटू नामक स्थान पर राजा को सपने में श्री कृष्ण जी ने दर्शन दिये तथा पावन शीश को निकाल कर उसे खाटू में प्रतिष्ठित करने की आज्ञा दी । आज वीर बर्बरीक के उसी पावन शीश की श्री खाटू श्याम के नाम से पूजा होती है ।

वह स्थान जहाँ श्री कृष्ण जी ने वीर बर्बरीक की परीक्षा ली थी, वर्तमान में हिसार के तलवंडी राणा के समीप बीड़ बर्बरान के नाम से प्रसिद्ध है । उस पेड़ जिसके पत्ते वीर बर्बरीक ने भेदे थे, आज भी बिंधे हुए होते हैं । वह स्थान जहाँ वीर बर्बरीक का शीश श्री कृष्ण द्वारा ऊँचे स्थान पर रखा गया था, वर्तमान में कैथल जिले के गाँव सिसला सिसमौर में है तथा वीर बर्बरीक की पूजा सिसला गॉंव में नगरखेड़ा बबरूभान के नाम से होती है, यह स्थान आज भी आस – पास के स्थान में बहुत ऊँचाई पर है ।

यह विजय स्तंभ जहाँ पाण्डवों द्वारा वीर बर्बरीक के शीश की स्थापना की गई थी वर्तमान में द्रोपदी कूप, कुरुक्षेत्र ब्रह्मसरोवर पर स्थित है । उस युग के वीर बर्बरीक आज कलियुग के श्याम है । इनके बारे में प्रसिद्ध है कि आज भी वे माता को दिये वचन के अनुसार इस संसार में हारने वाले इंसान का साथ देते हैं । इनका दरबार आज भी हारे का सहारा है ।

 

हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा

Posted in आरती, खाटू धाम, जय श्री श्याम, श्याम बाबा, श्री खाटू श्याम जी, श्री खाटू श्याम जी मंदिर Information, Uncategorized

ॐ श्री श्याम देवाय: नम:

home4

जय श्री श्याम, श्री खाटू श्याम परिवार में आपका स्वागत है

श्री खाटू श्याम जी का नाम आज केवल भारत में ही नहीं अपितु दुनिया में फैले करोड़ों हिंदुस्तानी लोगों कि अटूट श्रद्धा और विश्वास का विषय है। अपने नाम के अनुरूप ‘श्री खाटू श्याम जी’ कलियुग के अवतार तथा अपने भक्तों की सम्पूर्ण मनोकामनाओ को पूर्ण करने वाले हैं।

श्री खाटू श्याम जी जिनको आज दुनिया ‘हारे का सहारा’, ‘शीश का दानी’ तथा ‘कलियुग का अवतारी’ आदि नामों से जानती है, उन्होंने अपने शीश का दान भगवान् श्री कृष्ण जी के कहने पर इसी कुरुक्षेत्र कि पावन भूमि पर दिया था। आज देश विदेश में इनके असंख्य भव्य मंदिर हैं लेकिन कुरुक्षेत्र जो विश्व में ‘मंदिरों का शहर’ नाम से प्रसिद्ध है, श्री श्याम प्रभु के भव्य मंदिर से वंचित है।

श्री खाटू श्याम परिवार  में श्री खाटू श्याम जी के मंदिर का संकल्प लिया है। श्री खाटू श्याम जी अपने नाम के अनुरूप इस संसार में हारने वाले इंसान का साथ देते हैं। इनकी शरण में आने वाला व्यक्ति सभी प्रकार के दुःख व कष्टों से मुक्ति पाता है।

श्री खाटू श्याम परिवार कुरुक्षेत्र आप सभी भक्तों से श्री खाटू श्याम जी के मंदिर के निर्माण में सहयोग कि अपील करता हैं तथा श्री खाटू श्याम जी से प्रार्थना करता है कि वे आपके जीवन को सुखमय एवं ईश्वरोन्मुखी बनाए।

आप सभी भक्तों के सुझाव सादर आमंत्रित हैं, आपके सुझाव भविष्य में इस वेबसाइट को अधिक आकर्षक बनाने में सहयोगी बनेंगें।

Posted in आरती, खाटू धाम, खाटू श्याम बाबा की फोटो, खाटू श्याम बाबा फोटो, जय श्री श्याम, श्याम बाबा, श्याम बाबा की फोटो, Ringtone, Ringtone Khatu Shyam Baba, Shyam Tharo Naam Ringtone, Uncategorized

Shree Khatu Shyam Ji ki Mp3 RingTones

Friends First Time Download Shri Khatu Shyamji Baba ki Bhajan Mp3 Ringtone in Our Website. Download Latest Khatu Shyam baba ji Ringtones & Songs Ringtone. Latest Ringtone 2020 Shree Khatu Shyam baba ji. Get free Khatu Shyam baba Bhajan & Songs Ringtones.

khatushyambabaringtone

Khatu :- Click here Download

shyam baba

Click Here to Download :- Jai Shree Khatu Shyam Baba

Hare Ke Sahare Shyam

Click Here to Download

Mere Khatu Wale

Click Here to Download

Shyam Tharo Naam

Click Here to Download

Tume Ram Tume Shyam

Click Here to Download

Aa Jaiyo Shyam

Click Here to Download